बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम हो रहे हैं। यहां के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े इसके लिए सरकार ने काम किया। पिछले 15 वर्षो से सरकार शिक्षा के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है जिसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। बिहार में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज खोले गए। एएनएम, जीएनएम ट्रेनिंग कॉलेज समेत कई प्रकार के महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं है। सीएम नीतीश ने ट्वीट कर लिखा कि सन् 1954 से 2005 तक राज्य में कुल 3 अभियंत्रण महाविद्यालय और 13 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान थे, जिनकी प्रवेश क्षमता क्रमश: लगभग 800 एवं 3840 थी। देश के पुराने अभियंत्रण महाविद्यालयों में से एक बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना को केन्द्र में रहते हुए वर्ष 2004 में एनआइटी में परिवर्तित कराया।पिछले 15 साल में 38 अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा 31 पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थापना की गयी है, जिनकी प्रवेश क्षमता क्रमश: 9975 और 11,332 है। अब राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम एक अभियंत्रण संस्थान स्थापित है। उच्च तकनीकी शिक्षा में विकास का प्रयास जारी रहेगा।बता दें कि 2005 में नीतीश सरकार आने के बाद शिक्षा के प्रसार-प्रचार पर बहुत जोर दिया गया. सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर कई प्रकार की योजनाएं चलायी गयी। छात्राओं की संख्या बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से साइकिल योजना, पोशाक योजना समेत कई प्रकार की योजना की शुरूआत हुई। जिसका परिणाम काफी पॉजिटिव दिखने लगा।इतना ही नहीं बच्चियों में उच्च शिक्षा के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के लिए सरकार ने इस बार से इंटर पास करने पर 25 हजार और ग्रेजुएट करने पर 50 हजार रूपया देने की घोषणा को अमली जामा पहनना दिया गया जिसके सकारात्मक रिजल्ट आने लगे हैं।

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